जानिये किस संजीवनी के इस्तेमाल से बनती है Games | Scripting | Scripting Vs Programming

Scripting | Scripting Vs Programming

Scripting | Scripting Vs Programming


दोस्तों क्या आपको पता है की ये जो कंप्यूटर और मोबाइल के जो सॉफ्टवेर और एप्प्स है वोह कैसे बनते है? क्या आप मशीन लैंग्वेज और कम्पाइलर और इंटरप्रेटर के बारे में जानते है? अगर ज़वाब ना है तो ये आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे की Scripting या फिर हम कह ले की Game Scripting क्या है और Game Creator कैसे गेम्स का निर्माण करते है?

Machine Language

Scripting | Scripting Vs Programming

 


दोस्तों आप इस आर्टिकल को हिंदी में पढ़ रहे है यानी की हिंदी हमारी भाषा है।  वैसे ही कई और भाषा भी है जो की हम इंसानोने इजात की है ताकि हम आसानी से वार्तालाप कर सके। लेकिन ये तो हम इंसानो की बात है हमारे जो computers है यानी की जो मशीन है वोह हमारी ये भाषाए अपने कार्य में इस्तेमाल नहीं करती है।  लेकिन उनकी भाषाए भी हमने ही इजात की है परन्तु वह हमारी भाषा से थोड़ी अलग होती है जिनको हम अकसर प्रोग्रामिंग लेंगुएज (Programming Languages ) कहते है। 

दोस्तों हम जिन्हे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहते है वह दरहसल हमारे इस्तेमाल के लिए है लेकिन जो मशीन है वह तो बाइनरी भाषा समझते है जो की "01011100101" कुछ ऐसी दिखाई देती  है।  हमारा जो कंप्यूटर है वह भी ऐसी बाइनरी भाषा में ही अपना काम करता है।  ये ऊपर जो बाइनरी भाषा यहाँ लिखी है इस्को हम इंसानो को पढ़ने में दिक्कत महसूस होती है इस लिए बिच के रस्ते के तौर पर हम प्रोग्रामिंग लेंग्वेज का इस्तेमाल करते है। तो आइये अब जानते है की ये प्रोग्रामिंग लेंग्वेज क्या होती है?

Programming Language 

Scripting | Scripting Vs Programming


दोस्तों जैसे की अब आप जानते है की ये कंप्यूटर है यानी की हमारे मशीन है वह बाइनरी भाषा में ही काम करते है जो की "01011100101" कुछ ऐसी दिखती है जो की हम इंसानो की समज से बाहर है। इस्सलिये हम इस्तेमाल करने लगे प्रोग्रामिंग लेंग्वेज। दोस्तों प्रोग्रामिंग लेंग्वेज जो हे वह कुछ हद तक हमारी लेंग्वेज जैसी ही होती है लेकिन वह विशिस्ट रूप से मशीन को ट्रैन करनेके लिए इस्तेमाल की जाती है। आम तौर पे C, C++, Java, HTML, CSS, C#, जैसी प्रोग्रामिंग लेंग्वेजिस का इस्तेमाल होता है। 

लेकिन यहाँ पे प्रश्न ये सामने आता है की मशीन तो बाइनरी भाषा समझती है और हम उन्हें अंशतः हमारी भाषा (प्रोग्रामिंग लेंग्वेज) समझाने की कोसिस कर रहे है तो उससे निपट ने के लिया आपको एक दूरभाष यानी की translator की ज़रुरत पड़ेगी।  जिसे इस इंडस्ट्रीज में कम्पाइलर और इंटेरटप्रेटेर के नाम से जाना जाता है। 

Compiler And  Interpreter   

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दोस्तों यहाँ पे जो समस्या है वह कुछ ऐसी है की हम मशीन को हमारी भाषा में ट्रैन करना चाहते है लेकिन मशीन को तो सिर्फ बाइनरी भाषा ही आती है। ये ऐसा हो गया की आपको सिर्फ हिंदी आती है और आप जापान घूमने के लिए चले गए और आपको जापनीस तो आती ही नहीं। तो आपको अब वहां घूमने के लिए या तो एक गाइड रखना पड़ेगा जो की हिंदी जानता हो या फिर कोई दूरभाष यानी की ट्रांसलेटर को अपनी सहाय के लिए रखना पड़ेगा। 

तो इसी से सिख लेते हुए हमारी भाषा यानी ह्यूमन लेंग्वेज और बाइनरी लेंग्वेज यानी मशीन लेंग्वेज में कोडिंग करने के लिए एक दूरभाष को बनाया गया जिसे हम कम्पाइलर और इंटेरटप्रेटेर के नाम से जानते है।  जिसका काम ह्यूमन लेंग्वेज यानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज यानी बाइनरी लेंग्वेज में कन्वर्ट करने का है। अगर शॉर्ट में कहे तो ये ह्यूमन लेंग्वेज और मशीन लेंग्वेज के बिच का ट्रांसलेटर है। 

Scripting 

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दोस्तों हमने ये तो जान लिया की प्रोग्रम्मिंग लेंग्वेज क्या है और कम्पाइलर, इंटरप्रेटर क्या है। लेकिन जो Scripting है वह इनसे थोड़ी अलग होती है। 

अगर में हमारे स्मार्ट फ़ोन के लिए कोई गेम या कोई एप्प बनाना चाहु तो मुझे एंड्राइड लेंग्वेज सीखनी पड़ेगी लेकिन अगर वही गेम या सॉफ्टवेयर में हमारे कंप्यूटर में बनाना चाहु तो मुझे विंडोज या मैक की कोई प्रोग्रामिंग लेंग्वेज सीखनी पड़ेगी। यहाँ पे अगर आपको विंडोज के लिए कोई सॉफ्टवेयर बनाना हो तो भी अलग लेंग्वेज में प्रोग्रामिंग करनी पड़ती है और अगर आपको मैक के लिए सॉफ्टवेयर बनाना हो तो भी आपको अलग लेंग्वेज में प्रोग्रामिंग करनी पड़ेगी अगर शॉर्ट में कहे तो प्लेटफार्म बदलेगा तो लैंग्वेज भी बदलनी पड़ेगी। 

दोस्तों Scripting में ऐसा नहीं होता वह हर प्लेटफॉर्म में एक ही जैसी लेंग्वेज में काम करती है। जिसका एक श्रेष्ठ उदहारण Python लेंग्वेज है जिसके अंदर कम्पाइलर भी है और इंटरप्रेटेर भी है। 


Game Scripting 

 दोस्तों जो गेम्स बनती है चाहे वोह कंप्यूटर के  हो या फिर स्मार्टफोन के लिए दोनों में दो मुख्य दो विभाग होते है जो की इस तरह से है। 

  1. Server side scripting
  2. Client side scripting
यहाँ हम दोनों को बारी-बारी समझते है लेकिन इससे पहले आपको पता होना चाहीये सर्वर और क्लाइंट क्या होता है तो हम उसको पहले समझते है।  उसके बाद हम ये दोनों स्क्रिप्टिंग के प्रकारो को विस्तार से समझेंगे।

Server 

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दोस्तों आप इंटरनेट से कुछ डाउनलोड करे याफिर कुछ अपलोड करते है तो ये सब कहा स्टोर होता होगा? इसके लिए जो सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है उसके अपनी एक डिजिटल जगह होती है जिसे सर्वर कहा जाता है। 
चलिए एक उदहारण से समझते है अगर आप फेसबुक पे कोई फोटो अपलोड करे तो वोह फोटो वहा तब तक रहेगा जब तक आप उस फोटो को डिलीट ना कर दे लेकिन आखिरकार आपने अपलोड की हुई फोटो स्टोर कहा होती है? ये फोटो फेसबुक के सर्वर पे स्टोर होती है जो की कई सारी हार्ड डिस्क से बना हुआ होता है जिसे सर्वर कहा जाता है 

Client 

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दोस्तों आपने जो फेसबुक में फोटो अपलोड की उसको डाउनलोड करना हो तो आप उस सर्वर के क्लाइंट कहलाते है इससे एक और उदहारण से समझते है।  मान लीजिये एक दूकान है और आप उसके पास से कोई चीज़ खरीदना चाहते है तो आप क्या करेंगे की आप खरीदार के तौर पे उस दूकान पे जायेंगे और वहा से वह चीज़ लेके आएंगे इस मामले में वह दूकान फेसबुक सर्वर है और खरीदार आप जिसे फेसबुक सर्वर (दूकान) से फोटो (कोई चीज़) डाउनलोड करनी है यहाँ जो फेसबुक सर्वर है उसे सर्वर और आपको क्लाइंट कहते है। 

1. Server Side Scripting 

दोस्तों आपको ये तो पता चल गया की सर्वर किसे कहते है और ये भी पता है की स्क्रिप्टिंग किसे कहते है तो यहाँ पे जो सर्विस प्रोवाइडर है उसके सर्वर पे जो स्क्रिप्टिंग की जाती है उसे सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग कहते है और ये काफी सेफ होती है। चलिए एक और उदहारण से समझते है। 

दोस्तों आज कल इंडिया में जो पॉपुलर गेम खेली जा रही है उसका नाम है PUBG ये जो PUBG गेम है वोह सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग से  है। जैसे की मेने  पहलेही बताया की ये जो सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग होती है वह काफी  सेफ होती है। इसीसलिए आप इसके साथ आसानीसे कोई छेड-छाड नहीं कर सकते। इसी वजह से आप PUBG गेम को भी यहाँ छेड-छाड करके हैक या मोड़ नहीं कर सकते क्यों की ये सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग से बनी है। 

2. Client Side Scripting 

दोस्तों जो स्क्रिप्टिंग या कोडिंग से जो भी एप्प या गेम तैयार होती है वोह सीधी क्लाइंट को देदी जाए और उसमे सर्वर का बहोत थोड़ा सा रोल हो या कह लीजिये की ना के बराबर रोल हो तो उस तरह की स्क्रिप्टिंग को क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग कहते है। चलिए इससे भी एक उदाहरण से समझनेकी कोसिस करते है। 

दोस्तों आपको Candy Crush या Hill Climbing गेम तो याद ही होंगे ये जो गेम है वोह क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग का उत्कृस्ट उदहारण है जो की एक बार आपने प्लेस्टोर से गेम डाउनलोड कर ली तो उसके बाद पूरी गेम स्क्रिप्ट आपके स्मार्टफोन में आ जाती है और आप उसके साथ कुछ भी बदलाव कर सकते है जैसे की अनलिमिटेड पैसे जमाकरना या फिर गेम की हर चीज़ अनलॉक करना यानी की एक तरह से गेम को मोड़ कर सकते है। ये इसीलिए संभव हो सकता है क्योकि ये क्लाइंट साइड स्क्रिप्टिंग पे बने हुए गेम्स है। 

और जानकारी के लिए ये वीडियो ज़रूर देखे 








सारांश 
दोस्तों अब आप जान चुके है की किस संजीवनी के इस्तेमाल से बनती है Games और ये Scripting क्या है और ये Programming Languages क्या है। ये Interpreter और Compiler की ज़रुरत हमें क्यों पड़ी साथ ही साथ ये server side scripting और client side scripting क्या है 

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