नमस्ते दोस्तों, Brainupdates के इस लेख में हम आपसे जिस पेंटिंग के बारे में बात करने वाले है उसके बारे में सायद ही आपने सुना होगा। दोस्तों, क्या आपको वोह फेमस मोनालिसा पेंटिंग याद है जो की काफी चर्चे में रही है। और कहा जाता है की वोह एकलौती ऐसी पेंटिंग है जिसको सबसे ज़्यादा देखा गया है। अगर आपको उस पेंटिंग के बारे में नहीं पता है तो हम आपको बता देते है।
फेमस मोनालिसा पेंटिंग |
वोह पेंटिंग मशहूर पेंटर लेओनार्दो डा विन्ची ने बनाई है। जो की दुनियामें सबसे ज़यादा देखि जाने वाली पेंटिंग है और उस की एक और खासियत है की आप जिस तरफ से उसे देखेंगे आपको ऐसाही लगेगा की उस पेंटिंग में जो चित्र बनाया गया है वह हर दम आपकी ही तरफ देख रहा है। इस पेंटिंग के चित्रकार और हम जो पेंटिंग के बारे में आपको बताने वाले है उसके बिच एक सम्बन्ध है जो की आपको सोचने पे मजबूर कर देगा। तो आइये जानते है की आखिर विश्व की सबसे महेंगी और रहस्यमय पेंटिंग है क्या?
- निलामघर
Christie’s sale नामक एक नीलाम घर नवंबर २०१७ में इतिहास रचने जा रहा था। वहा पर एक पेंटिंग की नीलामी चल रही थी जिसे लेकर पूरी दुनिया चोकने वाली थी। दाव पे लगी थी एक पेंटिंग जीसे मशहूर पेंटर लेओनार्दो डा विन्ची ने बनाया है ऐसा बताया जा रहा था। एक कोने में दो लोग लगातार २० मिनट से फ़ोन पे बाते कर रहे थे और बोली लगा रहे थे। जब वो बोली $300 million के पार जाने लगी तो नीलामी संचालक ने कहा की ये नीलामी इतिहास रचने जा रही है। और देखते ही देखते नीलामी $400 million पे जा पहोची और पेंटिंग बिक गई। टैक्स लगाके पेंटिंग की कीमत $450 million तक पहोच गई। खरीद ने वाले का नाम उजागर नहीं किया गया। तो आखिर किसने ली ये पेंटिंग?
- तो आखिर किसने ली ये पेंटिंग?
नवंबर २०१७ को जब नीलाम घर में ये पेंटिंग बेचीं गई तो ये पेंटिंग किसने खरीदी इस के बारे में कोई जानकारी नहीं जाहिर की गई। लेकिन थोड़े दिनों बाद जब Department of culture and tourism - Abu Dhabi
ने ये twitte किया तब दुनिया को पता चला की ये पेंटिंग Abu Dhabi के प्रिन्स ने खरीदी है। तब तक न किसी को ये पता था की ये पेंटिंग किसने खरीदी है और नहीं की ये पेंटिंग कहापे ले जाइ जाएगी। हलाकि आज भी किसीको ये नहीं पता है की Abu Dhabi में ये पेंटिंग कहा पे रखी गई है।
- कौन है लेओनार्दो डा विन्ची ?
लिओनार्दो दा विंची का जन्म इटली के फ्लोरेंस प्रदेश के विंचि नामक ग्राम में हुआ था। इस ग्राम के नाम पर इनके कुल का नाम पड़ा। ये अवैध पुत्र थे। शारीरिक सुंदरता तथा स्फूर्ति के साथ साथ इनमें स्वभाव की मोहकता, व्यवहारकुशलता तथा बौद्धिक विषयों में प्रवीणता के गुण थे।
लेओनार्डो ने छोटी उम्र से ही विविध विषयों का अनुशीलन प्रारंभ किया, किंतु इनमें से संगीत, चित्रकारी और मूर्तिरचना प्रधान थे। इनके पिता ने इन्हें प्रसिद्ध चित्रकार, मूर्तिकार तथा स्वर्णकार, आँद्रेआ देल वेरॉक्यो (Andrea del Verrochio), के पास काम सीखने गये और उनकी छत्रच्छाया में रहकर कार्य करते रहे और इसके तत्पश्चात् मिलैन के रईस लुडोविको स्फॉत्र्सा (Ludovico Sforza) की सेवा में चले गए, जहाँ इनके विविध कार्यों में सैनिक इंजीनियरी तथा दरबार के भव्य समारोहों के संगठन भी सम्मिलित थे। यहाँ रहते हुए इन्होंने दो महान कलाकृतियाँ, लुडोविको के पिता की घुड़सवार मूर्ति तथा "अंतिम व्यालू" (Last Supper) शीर्षक चित्र, पूरी कीं। लुडोविको के पतन के पश्चात्, सन् 1499 में, लेआनार्डो मिलैन छोड़कर फ्लोरेंस वापस आ गए, जहाँ इन्होंने अन्य कृतियों के सिवाय मॉना लिसा (Mona Lisa) शीर्षक चित्र तैयार किया।
ऐसा जान पड़ता है कि लेओनार्डो चित्रकारी, वास्तुकला, शरीरसंरचना, ज्योतिष, प्रकाशिकी, जल-गति-विज्ञान तथा यांत्रिकी पर अलग अलग ग्रंथ लिखना चाहते थे, पर यह काम पूरा नहीं हुआ। इन विषयों पर इनके केवल अपूर्ण लेख या टिप्पणियाँ प्राप्य हैं। लेओनार्डों ने इतने अधिक वैज्ञानिक विषयों पर विचार किया था तथा इनमें से अनेक पर इनकी टिप्पणियाँ इतनी विस्तृत हैं कि उनका वर्णन यहाँ संभव नहीं है।
- सारांश
दोस्तों हमने आपको इस आर्टिकल में बताया की कैसे एक नीलाम घर में मशहूर पेंटर लेओनार्दो डा विन्ची की पेंटिंग Salvatore mundi को $450 million में कैसे बेचा गया और आखिर कैसे हमें पता चला की ये पेंटिंग किसने खरीदी बावजूद इस्सके की नीलम घर ने पेंटिंग खरीदने वाले के बारे में कोई बात उजागर नहीं की थी।
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