सोना बीएलडबल्यू प्रिसीज़न जोकि सोना कोमस्टार के नाम से भी प्रसिद्ध है जिसने इस साल फरवरी में आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए सेबी के पास याचिका दायर की थी। जिसको सेबी द्वारा हरी झंडी दे दी गई है। याचिका के मुताबिक कंपनी आईपीओ के ज़रिये करीबन 6000 करोड़ की पूंजी इकठ्ठा करने जा रही है।
सोना बीएलडबल्यू प्रिसीज़न फोर्जिंग के बारे में:
सोना बीएलडबल्यू प्रिसीज़न फोर्जिंग लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबिल कम्पोनेंट्स निर्माताओमेसे एक है। कंपनी बेवल गियर्स, मिशन-क्रिटिकल सिस्टम, डिफरेंसियल असेम्ब्ली, डिफरेंसियल गियर्स, माइक्रो-हाइब्रिड स्टार्टर मोटर्स, इवी ट्रेक्सन मोटर वगेरा बनाती है। कंपनी का कारोबार भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप, मेक्सिको, और चाइना में भी सुचारु रूपसे फैला हुआ है।
कंपनी आमतौरपे गियर्स बनाती है जो की गाड़िओ में और हेवी डूटी वाहनोंमें इन्जीन से पावर को चक्को तक पहुचनेमे मदद करते है।
कंपनी का कारोबार भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप, मेक्सिको, और चाइना में भी सुचारु रूपसे फैला हुआ है। कंपनी के पास 9 प्रोडक्ट निर्माण की फैसिलिटी है जिसमे 6 भारत में और तीन चाइना, मेक्सिको, और अमेरिकामे स्थापित है। इसके अलावा कम्पनी के पास 8 गोदाम है जोकि भारत के अलावा अमेरिका, जर्मनी, और बेल्जियम में स्थित है।
सोना बीएलडबल्यू प्रिसीज़न फोर्जिंग के मुख्य शेर होल्डर्स:
Singapore VII Topco III Pte. Ltd. कंपनी के पास सबसे ज़्यादा हिस्सेदारी है जो की अमूमन 66.28 प्रतिशत है। और बाकी बची 33.72 प्रतिशत हिस्सेदारी Sona Autocomp Holding Private Limited के पास है। आप निचे दिएगए चित्र में बाकी जानकारी देख सकते है।
कंपनी के रेवेन्यू विस्तरण:
सोना बीएलडबल्यू प्रिसीज़न आईपीओ डिटेल्स:
सोना बीएलडबल्यू प्रिसीज़न के तथ्य:
साल 1995 में कंपनी ने जापानी कंपनी Mitsubishi के साथ जॉइंट वेंचर सोना ऑकेगावा प्रिसिजन फोर्जिंग लिमिटेड के नाम से सुरु किया था।
कंपनी ने शुरूआती समयमे गियर्स बनाना शुरू कियाथा अपनी गुरुग्राम स्थित पहेली प्लांट मैं। एक साल बाद 1999 में अपनी दूसरी प्लांट कंपनी ने चेन्नई में शुरू की थी।
साल 2013 में जापानी कंपनी Mitsubishi के 25% शेर्स खरीदकर नाम सोना बीएलडबल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग लिमिटेड करदिया।
2016 में कंपनी को अमेरिकाकी श्रेष्ठ ऑटो पार्ट्स बनानेका अवार्ड "North American OEM of Pv's and CV's World Excellence Award (Gold)". से नवाज़ा गयाथा।
सिंगापोर टोप्को कंपनी ने भी सोना बीएलडबल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग लिमिटेड में निवेश कर रखा है।
2020 में कंपनीने 250 मिलियन गियर्स बनानेका मानक पार कियाथा।
कंपनी माइक्रो हाइब्रिड मोटर्स, 48V बीएसजी सिस्टम और ईसी ट्रैक्सन मोटर्स भी निर्माण करती है जोकि इलेक्ट्रिक वाहनोकी निर्माण की खपत पूरी करती है।
कंपनी सालाना अमूमन 3% रेवेन्यू रिसर्च और डेवलपमेंट में लगाती है ताकि तकनिकी में आते बदलाव में समय के साथ कदम से कदम मिला सके।
कंपनी अपनी आय डाइवर्सिफिड रखती है जो की अमरीका, मेक्सिको, यूरोप, और चाइना से आती है।
कंपनी ऑटो सेक्टर में कार्य करती है जो की एक सायकलिक सेक्टर है। कोरोना के बाद उसमे काफी सुधार देखनेको मिला है। ऑटोमोबाइल की बिक्रीमें भी बढ़ोती देखि गई है जिसकी सीधी असर कंपनी पर हो सकती है।

Post a Comment